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232 results for "में"

संयोग
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संयोग

Shashi Pathania

यह संयोग ही तो एक ईज़ाद की मानिंद, कि चैट-रूम में बिना किसी रंग,रूप और शिनाखत के तुम मुझे मिले थे। और मुझे सोचने पर मजबूर कर गया था तुम्हारा यह कहना कि --- खाली दिमाग शैतान का घर होता है। क्योंकि…

26 Sept 2013 486
मेरा चाँद
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मेरा चाँद

Shashi Pathania

डूबते सूरज से नज़र मिलते ही, इशारा समझते ही , विदा होते सूरज की लाली , उसकी समझ में आ गई । और वह लजाकर , छुईमुई सी शर्मा कर , आँखें मींचकर , उस ओर मुँह कर गई । जिधर से उसके चाँद ने है चढ़ना, भेस बदल,…

26 Sept 2013 499
सलक्खनी घड़ी
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सलक्खनी घड़ी

Shashi Pathania

में इक बारी कुंभ न्हौन गेदे, अपनी सुर्ती च पेदे, शब्दें मूजब, जे गंगा गेदे तज्जनी होंदी ऐ कोई सभनें शा प्यारी चीज़, म्हेशा-म्हेशा ताईं ते में तज्जी आई ही अपनियें अक्खियें दा नीर। मेरियें अक्खियें दा…

26 Sept 2013 687
शीशा
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शीशा

Susheel Begana

अजें शीशा मिरा खबरै मिगी गै ओपरा चेतै क में सदिएं गुआचे दा अजें आपा तपाशा नां। मिरे गै नैन बलगा दे अजें मेरे दिदारै गी अजें नेईं सांबेआ अश्कै में चेतें दे खलारै गी। अजें नेंईं नैन भांडा छलकेआ हिरखै दी…

13 Sept 2007 14