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17 results for "Poetry"

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poems

गीत

Usha Kiran

होऐ चानन मड़ा हर थाह्‌र खुशियें दे रंग भरी दे मचै कदें निं नेहा हा-हाकार खुशियें दे रंग भरी दे । असर ऐ कीता पक्कियें झिड़कें सुन्न-मसान ऐ ग’लियैं-शिड़कैं कुत्तु-बिल्लु बी लभदे निं बाह्‌र खुशियें दे…

5 Jun 2020 3
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बरखा दियां कनियां

Usha Kiran

पैह्‌लें इक, फ्ही द’ऊं ते फ्ही सारियां जनियां औंदियां न किट्ठियां होइयै एह् बरखा दियां कनियां । तां मेरी लेर-ढेर जिंदु च जान औंदी ऐ उज्जड़े दे मनै दी ठंडड़े फनूकें कन्नै पन्छान होंदी ऐ कदें मनै दे…

5 Jun 2020 3
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आ हां भाइया लैचै लाई

Randhir Singh Raipuria

कौड़ी होंदे मिट्ठी लग्गै तां गै पींदे इस्सी सब्भै कैसी कुसै चीज बनाई आ हां भाइया लैचै लाई। जात-पात निं इसने भाखी हिंदू-मुस्लिम सब दी साखी इस्सी पींदे सिक्ख-इसाई आ हां भाइया लैचै लाई। दिनैं-दपैह्‌री…

5 Jun 2020 3
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गीत

Kuldeep Kippi

मनै देआ मौजिया ओ कैंत्त मेरे फौजिया तेरे बाह्‌जूं सुन्ना एह् ग्रां ओ मैह्‌रमा मनै देआ छुट्टी लेइयै तौले घर आ । छुट्टी कट्टी टुरी जन्नां जदूं परदेसें बिच्च मेरा नेइयों लगदा जी मनै दे बुआल जेह्‌ड़े जंदे…

5 Jun 2020 3
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अजाद

Chanchal Bhasin

मंदरें दी घैंटी मसीती दी अजान, गिरजाघरें दी प्रार्थना, गुरद्वारें दी गुरबाणी दी मिट्ठड़ी तान – एह् सब सुर मीं भांदे मेरा मन-चित्त लांदे मेरे साहीं ज्हारां लोक खचोंदे भीड़ बनांदे आ'ऊं बी भीड़ा कन्नै…

5 Jun 2020 3
मौसम
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मौसम

Susheel Begana

रंग बरंगे सूखने भरिये,नैनें अंदर दिंदा रौंदा रोज़ मना गी धोखा मौसम जेहका मेरे हिस्से अशकै आना गै नेईं में खबरै की बळगी जा नां ओहका मौसम। जिन रस्तें पर मौसम सदियें बरदे गै नेईं, जीवन पैंडे ओ रस्ते बी…

28 Aug 2018 3
Reflection [Translated In English by Suman K. Sharma]
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Reflection [Translated In English by Suman K. Sharma]

Susheel Begana

Original Dogri poetry is available here My own mirror perhaps Finds me a stranger still – Lost for centuries as I am In the quest of self. These my eyes await A closer look at me – I haven’t yet…

4 Oct 2013 1,072
A Sonorous Song [Translated In English by Suman K. Sharma]
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A Sonorous Song [Translated In English by Suman K. Sharma]

Susheel Begana

Abjure the clamorous beats of hate And join in the chorus of love, O Mate! Of death have we sung far too long - Come, hum now life’s sonorous song! Why do you fathom love’s lake? Raise your arms, a…

4 Oct 2013 4,500
Gift of Blessings
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Gift of Blessings

Champa Sharma

Gift Packed with Blessings Tell me, serviceman, where you are I want to send you a gift Packed with my blessings You do not have a regular address One day you are in Reasi and the next in Pulwama You…

4 Oct 2013 1,720
चौथा पहर
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चौथा पहर

Shashi Pathania

रात का यह चौथा पहर, राधा के लिये , जैसे ज्येष्ठ- आषाढ़ की शिखर दुपहर । तीन पहर बीत गये काहना के हुए दीदार, रात का यह चौथा पहर , राधा पर ढाता कहर। रात का यह चौथा पहर, रुक्मणि सोई , जैसे बेच शहर- बाज़ार ।…

26 Sept 2013 502
रिश्ता
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रिश्ता

Shashi Pathania

बादल बरसा पानी बहा जल-थल एक हुआ धरती ने सहा , अपने सूरज की अमानत मान अपने अंदर भरा। लौटाने की जन्मजात वृत्ति से प्रेरित सृजन में रत्त अपने हृदय से लगा कर फिर लौटा कर हो जाएगी तृप्त सूरज से अपना…

26 Sept 2013 537
संयोग
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संयोग

Shashi Pathania

यह संयोग ही तो एक ईज़ाद की मानिंद, कि चैट-रूम में बिना किसी रंग,रूप और शिनाखत के तुम मुझे मिले थे। और मुझे सोचने पर मजबूर कर गया था तुम्हारा यह कहना कि --- खाली दिमाग शैतान का घर होता है। क्योंकि…

26 Sept 2013 483